My Past, Present and Future…..

Sunday, 11 March 2012

क्या लिखू....


कुछ जीत लिखू या हार लिखू,
या दिल का सारा प्यार लिखू,
कुछ अपनों के जज्बात लिखू या सपनो के सौगात लिखूं,
मैं खिलता सूरज आज लिखू या चेहरा चाँद गुलाब लिखूं,
वो डूबते सूरज को देखू या खिलते फूल की सांस लिखू,
पल में बीते साल लिखू या सदियों लम्बी रात लिखू,
मैं तुमको अपने पास लिखू या दूरी का एहसास लिखू,
मैं अंधे के दिल में झाँकू या आँखों की मै रात लिखू,
मीरा के पायल को सुनलू, या गौतम की मुस्कान लिखूं,
बचपन के बच्चों से खेलु या जीवन की ढलती शाम लिखूं,
सागर सा गहरा हो जाऊं या अम्बर का बिस्तार लिखूं,
वो पहली पहली प्यास लिखू या निश्छल पहला प्यार लिखू,
सावन की बारिश में मैं भीगू या आँखों की बरसात लिखूं,
गीता का अर्जुन हो जाऊं या लंका रावन राम लिखूं,
मैं हिन्दू मुस्लिम हो जाऊं या एक बेबस इंसान लिखूं,
मैं एक ही मजहब को जीलू या मज़हब की आँखें चार लिखूं,
क्या लिखू,
कुछ जीत लिखू या हार लिखूं,
या दिल का सारा प्यार लिखूं

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